एक्सट्रा पल्मोनरी टीबी

एक्सट्रा पल्मोनरी टीबी

टीबी फेफड़े को प्रभावित करता है लेकिन ये शरीर के दूसरे अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। जब ये फेफड़ों के अतिरिक्त दूसरे अंगों को प्रभावित करता है उसे एक्सट्रा पल्मोनरी टीबी कहते हैं। ऐसे सम्भावित अंगों में प्रमुख हैं – फेफड़ों का आवरण (प्ल्यूरा), लसीका ग्रंथियां (लिम्फ नोड), त्वचा, पेट, हड्डियां और जोड़, जनन-तंत्र (जीनिटोरिनरी ट्रैक्ट) और ब्रेन का आवरण।

एक्सट्रा पल्मोनरी टीबी में भी पल्मोनरी टीबी की ही तरह आस पास के अंगों में संक्रमण फैलने की सम्भावना रहती है। इसके अलावा, दूसरे अंगों के टीबी के साथ साथ फेफड़े के टीबी भी हो सकते हैं। उसे एक्सट्रा पल्मोनरी टीबी की बजाए पल्मोनरी टीबी की श्रेणी में रखा जाता है। दोनो में लक्षण एक जैसे होते हैं और उपचार भी समान दवाओं से होता है।

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