पल्मोनरी टीबी
इस तरह के टीबी श्वसन तंत्र को प्रभावित करते हैं। श्वसन तंत्र में फेफड़ों के अलावा उसके एयरवेज और हृदय को जोड़ने वाली खून की नली शामिल हैं। माइकोबैक्टरियम की वजह से होने वाले फेफड़ों के टीबी हवा से फैलते हैं जो फेफड़े के टिशू को नुकसान पहुंचाते हैं। शुरु में इस टीबी से फेफड़ों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है लेकिन बाद में शरीर के अन्य अंगों के प्रभावित होने की भी संभावना रहती है। अगर समय रहते जांच हो और नियमानुसार दवा का सेवन करें तो फेफड़ों के टीबी का पूर्ण इलाज सम्भव है।
अधिकांश रोगियों में ये टीबी गुप्त टीबी के रूप में विकसित हो जाता है। इसमें बैक्टरिया संपर्क के बावजूद संक्रमण नहीं होता। उनकी इम्यूनिटी उन्हें रोग से बचाए रखती है और दूसरों में फैलने भी नहीं देती। आम तौर पर उनमें टीबी के कोई लक्षण नहीं पाए जाते हैं लेकिन गुप्त टीबी सक्रिय टीबी का रूप ले सकता है।