Government Initiatives

मरीजों की सहायता

सरकारी पहल

टीबी की जांच और उपचार के बारे में मरीजों, रिश्तेदारों और सम्पूर्ण समाज को सही जानकारी देना टीबी से लड़ाई के लिए अति आवश्यक है। और सरकार इस दिशा में अग्रणी रूप में कार्य कर रही है। ‘इंडिया फाइट्स टीबी’का लक्ष्य सभी सूचनाएं एकत्रित कर सरकार की मदद करना है और इसे असरदार सूचना रणनीति के तहत सभी लोगों को सूचना मुहैय्या करना है।

सरकार टीबी उन्मूलन के लिए प्रयासरत है और इसके लिए कई योजनाएं चल रही है – ये सुनिश्चित करने के लिए कि टीबी मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सहायता मिल सके और उन्हें देशभर में फैले DOT (डायरेक्टली ऑब्जर्व्ड थेरेपी) से निशुल्क चिकित्सा सेवा प्राप्त हो सके। DOT सुनिश्चित करता है कि मरीजों को हेल्थ वर्कर की देख रेख में नियमित रूप से दवा मिलती रहे, बिना नागा के।

टीबी उन्मूलन पर सरकारी योजनाओं से सम्बन्धित सभी सूचनाएं इस प्रकार हैं:

राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम

राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम पहले संशोधित राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण कार्यक्रम के नाम से जाना जाता था। इसका नाम 2020 में इस उद्देश्य से बदला गया कि सरकार बीमारी को पूरी तरह खत्म करना चाहती है। योजना का मकसद 2025 तक भारत से टीबी को पूरी तरह खत्म करना है। योजना के तहत उन टीबी मरीजों की पहचान के लिए निजी क्षेत्रों को भी शामिल करना है जो सरकारी और प्राइवेट क्षेत्रों में इलाज के लिए आते हैं। योजना का उद्देश्य उन मरीजों की पहचान करना भी है जिनकी जांच नहीं हो सकी है और जो सबसे बड़े संक्रमण वाहक हो सकते हैं। ज्यादातर सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर चल रहे DOT  केन्द्र ये सुनिश्चित करते हैं कि प्रशिक्षित और अनुभवी चिकित्सकों की देख रेख में इलाज हो। इस कार्यक्रम के बारे में और जानकारी के लिए इस लिंक को क्लिक करें – NTEP – new name for RNTCP – TB Facts

टीबी मरीजों के लिए निक्षय पोषण योजना

इस योजना का उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि टीबी मरीजों को पोषक भोजन मिले। ये सभी टीबी रोगियों को वित्तीय मदद देना है ताकि वे स्वस्थ भोजन ले सकें। सभी अधिसूचित टीबी मरीजों को 1 अप्रैल 2018 से हर माह 500 रुपए दिया जा रहा है। उस तिथि तक जितने भी मरीज इलाजरत थे उन्हें उपचार पूरा होने तक वित्तीय मदद दी जाएगी। ये सहायता पाने के लिए मरीज को 1 अप्रैल 2018 को इलाजरत होना जरूरी है और उस तिथि से एक महीना या उससे ज्यादा समय तक इलाज जारी रहना चाहिए। ये योजना डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफऱ के तहत आता है जिसमें मरीजों को रकम सीधा उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में पहुंच जाता है।

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